World Day Rememberance for Road Traffic Victim

सड़क यातायत पीडितो की स्मृति में विश्व यादगार दिवस

हम में से अधिकांश ने सडक दुर्घटना में कोई न कोई रिश्तेदार या मित्र को खोने के सदभे क अनुभव किया होगा | सडक दुर्घटना आज दुनिया भर में मृत्यु का मुख्या कारणों में से एक है | इसके हर छ: व्यक्ति घायल होता है, हर २५ सेकंड में एक मृत्मु होती है | दुर्घटनाग्रस्त होने वालो में से 60 से 70 प्रतिशत पैदल चलने वाले, मोटरसाईकिल सवर एवं धीमी गति से चलने वाले जैसे की बाईसिकल| इस कारण से बच्चे, युवा, माध्यम एवं निम्न आय वाले लोग ज्यादा असुरक्षित हैं | भारत में हताहत होने वाले 60 प्रतिशत १४ से ४४ वर्ष के आयु के हैं | सड़क दुर्घटना के कारण सदमा, दुःख, विकलांगता, शिकित्सा का बोझ और परिवार में रोजगार कमाने वाले या युवा सदस्य को खोना इन सबके होते परिवार वालो पर भावनात्मक, मानशिक, शाररिक और आर्थिक समस्या बहुत ज्यादा हो जाती हैअ, भारत और बांग्लादेश में एक शोध में पाया गया है कि इन नुकसानों के कारण सड़क दुर्घटनाओ से प्रभावित कम से कम 50 प्रतिशत परिवार गरीबी रेखा के निचे फिसल जाती है,
मानव जगत धीरे धीरे इस वास्तविकता की ओर जाग्रत हो रहा है की इस रोग सामान बदने वाली समस्या को दूर करने के लिए गंभीरता से कुछ करने की आवशयकता है| सड़क दुर्घटनाये अधिकतर गैर अपराधिक इरादे से से होती है हमारी आधुनिक जीवन शैली में निहित उच्च प्रतिस्प्रधा, तेज गति, उच्च गति यंत्रो की उपलब्धता, तनाव ओ मादक द्रव्यों के सेवन से सामूहिक रूप से सड़क दुर्घटनाओ के वंसज पैदा हुए है आज इस विकट वास्तविकता के कारण कई अनाथ बच्चे, शोक संतुप्त माता-पिता, शारीरिक रूप से विकलांग और अकेले हुए जीवन साथियों के चेहरे फिर से हमारी ओर देख रहे है ….. सायरन बज रहे है ,
इस विषय पर गंभीरता और वैश्विक करवाई की जरुरत को ध्यान में देखते हुए सयुक्त राष्ट्र संघ के सड़क सुरक्षा संघ (United Nations Road Safety Collaboration) ने विश्व श्वास्थ संघठन (World of Action for Raod Safety) के साथ समन्वय में 2011-2020 के दशक को “सड़क सुरक्षा दशक” घोषित किया गया है|
ब्रह्मकुमारिज भी इस दशक के उपलक्ष्य में सड़क सुरक्षा पर एक विशेष परियोजना को लागु कर रहे है| इस परियोजना के तहत गतियोविधियो में से एक है सड़क दुर्घटनाओ में जन गवाने वाले अथवा पीड़ित जनसमूहो कस प्रति ध्यान योग के माध्यम के सकारात्मक विचारो और शुध्य भावनाओ की शक्ति का योगदान देना | एसा करने की एक शक्तिशाली तरीके के रूप में माह नवम्बर के तीसरे रविवार को सड़क यातायात से पीड़ितो के लिए विश्व स्मृति दिवस (World Day of Remembrance fore Road Traffic Victims) मनाया जाता है हमारी सोच यह है की सड़क सुरक्षा क लिय क्रियाशील प्रत्नो ल=के साथ साथ मानव चेतना को भी जागरूक और सशक्त करने की आवश्यकता है| जागरूकता से तात्पर्य यहाँ मन की स्थिति से है, कोई भी कार्य करते समय मन, अगर वर्त्तमान छड में है अपने विचारो अपने भावनाओ और उसके प्रभाव से अवगत है तो भीतर अवश्य शांति और नियंत्रण का एहसास होताहै | साथ ही वहां चलते समय शांति और एकाग्रता का होना बहुत आवश्यक है|

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