ब्रह्माकुमारीज में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन

ब्रह्माकुमारीज में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन एक श्रेष्ठ समाज का आधार महिलाओं का सम्मान- राजेन्द्र गायकवाड़ अम्बिकापुंर दिनाँक- 07.03.20 प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा नव विश्व भवन चोपड़ापारा में अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अम्बिकापुर की डी.एफ. ओ. श्रीमती प्रभाकर खलको ने कहा- नारी श शक्ति स्वरूपा हैं। एक नारी में वो सारी शक्तियाँ मौजूद हैं, चाहे वो माँ हो, पत्नी हो, शिक्षक हो, या उच्च या निम्न ओहदे पर विराजमान हो एक उगते हुये सूरज के भांति दूसरे को को भी अपनी शक्तियों से सिंचित करती हैं। सरगुजा की डी.पी.ओ. श्रीमती ज्योति मिंज महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने कहा- नारी वास्तव में दुर्गा, लक्ष्मी, काली, सरस्वती स्वरूपा हैं उन्हें केवल अपने अन्दर की क्षमता को पहचानने की जरूरत हैं। प्रत्येक नारी अपने भीतर के देवत्व को समाजहित, एवं राष्ट्रहित के सृजनशीलता में लगाये। सरगुजा संभाग की संचालिका ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी ने कहा- एक सशक्त समाज के लिये महिलाओं की भागीदारी आवश्यक हैं। सतयुग के आदिकाल में महिलाओं और पुरूषों को समान अधिकार प्राप्त था लेकिन समय परिवर्तन के साथ महिलायें शारीरिक रूप से कमजोर होने के कारण उन्हें अबला और कमजोर समझने लगे और नारियों ने इस बात को स्वीकार कर मानसिक रूप से कमजोर होती चली गयी। नारी अपने आन्तरिक शक्तियों को जगाकर दुनिया के बड़े- बड़े कार्य को कर सकती हैं। अपने न्यारापन, सहनशीलता, साहस और आत्मचिन्तन द्वारा नारी अपने सभी दायित्वों को पूरा करते हुये सशक्त समाज की रीड़ की हड्डी बनी रहती हैं। हर सफल पुरूष के पीछे एक नारी का ही हाथ होता हैं। समाज सशक्त तब होगा जब हमारे अन्दर आध्यात्म शक्ति होगी और आध्यात्म शक्ति से ही मानव जीवन में सन्तुष्टता और नैतिक मूल्य आते हैं जिससे ही राष्ट्र आगे बढे़गा। और स्वयं को भी परिवर्तन करने की शक्ति आध्यात्म शक्ति से ही आती हैं क्योंकि स्व परिवर्तन से ही विश्व परिवर्तन होगा। और उन्होंने कहा आज माँ- बाप अपने बच्चों को अनेक साधन उनके कहने पर देते है और वही उनके पतन का कारण बनता हैं संस्कार दिये बिना साधन देना उनके पतन का कारण हैं। यदि साधन नहीं देंगे तो बच्चा थोड़ी देर रोयेगा लेकिन संस्कार नहीं देंगे तो जीवन भर रोयेंगे। तथा उन्होंने अपने अन्दर कीे शक्तियों को जागृत करने हेतु योगानुभूति भी कराया। मातृ छाया की अध्यक्ष सुश्री वन्दना दत्ता बहन ने कहा ने कहा कि नारी को हम देवी के रूप में देखें तो हर नारी इन ब्रह्माकुमारी बहनों जैसा समाज परिवर्तन से विश्व परिवर्तन की भूमिका निभा पायेगी। यदि ऐसा हुआ तो हम सब पूरे 365 दिन महिला दिवस मना सकेंगे। एक श्रेष्ठ समाज का आधार महिलाओं का सम्मान हैं कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये अम्बिकापुर के जेल अधीक्षक राजेन्द्र गायकवाड जी ने कहा कि यदि हम महिलाओं को समानता का अधिकार नहीं देते तो संविधान का उलंघन करते हैं। महिलाओं में अभूतपूर्व शक्तियाँ होती हैं इसी कारण परमात्मा ने सृष्टि परिवर्तन के लिये स्थापित इस विद्यालय का संचालन के लिये भी महिलाओं को ही चुना। गायत्री परिवार से श्रीमती सुधा चैधरी जी ने कहा कि नारी के सशक्तिकरण से ही सारे समाज, सारे देश, और खुद का विकास होगा। अन्तर्राष्ट्रय महिला दिवस के कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम का शुभ उद्घाटन डी. एफ. ओ. प्रभाकर खलको, डी. पी. ओ. ज्योति मिंज महिला एवं बाल विकास अधिकारी, सरगुजा संभाग की संचालिका ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी जेल अधीक्षक राजेन्द्र गायकवाड, सुश्री वन्दना दत्ता, श्रीमती सुधा चैधरी – गायत्री परिवार, डाॅ मन्जू शर्मा, डाॅ किरण अग्रवाल स्त्री रोग विशेषज्ञ, सिक्ख समाज की अध्यक्ष महिला- बीबी सुरजीत कौर, सिन्धी समाज की अध्यक्ष महिला- ज्योति पोपटानी इत्यादि अतिथियों ने द्वीप प्रज्जवलन कर किया। तत्पश्चात नृत्य एवं संगीत की प्रस्तुति भी हुई। इस कार्यक्रम में उपरोक्त अतिथियों के अलावा सभा में लगभग 500 लोग इस संस्था से जुडे़ एवं शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का सफल संचालन बी. के. पूजा बहन ने किया और बताया कि दिनाँक 11 मार्च से प्रातः 8 से 9 एवं संध्या 6 से 7 बजे तक सात दिवसीय महिला सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया हैं। जिसका लाभ उठाये एवं अपने जीवन को खुशहाल बनाये।

शिव जयन्ती एवं आध्यात्मिक समारोह

अच्छे एवं संस्कारवान पीढ़ी के लिए ब्रह्माकुमारी ईशवरीय परिवार से जुड़ें- डाॅ. प्रेमसाय सिंह प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईशवरीय विश्व द्यालय द्वारा संचालित गीता पाठशाला परसडीहा के तत्वाधान में आयोजित शिव जयन्ती एवं आध्यात्मिक समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्कूल शिक्षा मंत्री छत्तीसगढ़ शासन माननीय डाॅ. प्रेमसाय सिंह ने आध्यात्मिक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि चरित्र निर्माण, संस्कार निर्माण और भविष्य निर्माण में संस्था अविशवसनीय एवं सराहनीय कार्य कर रही है। ब्रह्माकुमारी बहनें देवी के रूप में अवतरित होकर शिव पिता द्वारा निर्देषित इस पुनीत कार्य को कर रहीं हैं। माननीय शिक्षा मंत्री नें सभी समारोह में उपस्थित लोगों को संस्था का महत्व एवं राजयोग का महत्व बताते हुए आहवान किया कि सभी संस्था से जुड़ कर लाभ उठाएं तथा अपनें मनुष्य जीवन को सार्थक करें। उन्होंने संस्था के प्रति आभार व्यक्त किये कि हमें इस पावन कार्य के लिए भागीदार बनाया। सरगुजा संभाग प्रमुख राजयोगिनी बी के विद्या दीदी ने संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में अभी नैतिकता का पतन हो रहा है, नैतिक मूल्यों की अति आवशयकता है। यही धर्मग्लानि का समय है जब गीता में भगवान नें वादा किया था कि जब जब धर्म की ग्लानि होती है, मैं सृष्टि पर आता हूं। वर्तमान समय में परमात्मा नैतिक मूल्यों की शिक्षा के लिए धरती पर अवतरित हो चुके हैं, इसी की यादगार पर हम शिवरात्री मनाते हैं। हमें आध्यात्मिक ज्ञान द्वारा बुराईयों रूपी अक-धतूरे को शिव पर अर्पण कर जीवन मूल्यों को धारण कर इस पर्व को सार्थक बनाना है। इस आध्यात्मिक समारोह में मुख्य अतिथि के साथ विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी राम ललित पटेल, जनपद अध्यक्ष वाड्रफनगर, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि एवं भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

अम्बिकापुर के केन्द्रीय जेल में प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईशवरीय विश्व विद्यालय द्वार महाशिवरात्रिका पावन पर्व पर शिव परमात्मा का 84 वाँ जन्मोत्सव केक कटिंग कर बहुत धूमधाम से मनाया गया। जिसमें जेल अधीक्षक राजेन्द्र गायकवाड़ जी, सरगुजा संभाग की संचालिका बी. के. विद्या दीदी जी एवं लगभग 700 कैदी भाई- बहनें उपस्थित थे। जेल अधीक्षक राजेन्द्र गायकवाड़ जी ने कहा कि इन्सानियत का मतलब हैं एक ऐसा इन्सान बने जिसमें सात्विकता, पवित्रता, सच्चाई, समझदारी एवं सबके दुःख, पीड़ा को समझते हुये उनका मद्द करें एवं उन्हें आगे बढ़ाये। कैदियों को प्रेरित करते हुये कहा कि आलस्य, अलबेलेपन एवं बहानेबाजी रूपी शत्रु को छोड़कर अपने जीवन को सदैव उमंग- उत्साह में रख उत्साहित रखे। सरगुजा की संचालिका बी. के. विद्या दीदी ने महाशिवरात्रि के पावन पर्व का महत्व बताते हुये कहा कि उपवास अर्थात् अपने अन्दर की बुराईयों एवं कमजोरियों को छोड सदा अपने भीतर की षक्तियों को पहचान सही एवं गलत का निर्णय करें। एवं बुराईयों रूपी, अक, धतूरा फूल अर्पण कर मन- वचन- कर्म से पवित्र बने एवं सभी लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करे। क्योंकि स्वपरिवर्तन से ही विश्व परिवर्तन होगा । जेल अधीक्षक राजेन्द्र गायकवाड़ जी, सरगुजा संभाग की संचालिका बी. के. विद्या दीदी जी ब्रह्माकुमारी बहने एवं कैदी भाइयों द्वारा जेल में शिवध्वाजारोहण किया गया। शिवध्वजारोहण के नीचे सभी कैदियों ने प्रतिज्ञा करते हुये दृढ़ संकल्प किया कि हम सदा खुष रहकर सभी को खुशी देंगे, एवं आलस्य अलबेलेपन, बहानेबाजी रूपी अवगुणों त्याग कर षिवबाबा को याद कर जीवन को श्रेष्ठ बनायेंगे। किसी का अवगुण नहीं देखेंगे। ब्रह्माकुमारी द्वारा सीखाये गये राजयोग क्लास को करीब 1 महीने से प्रतिदिन सुनने वाले कैदी भाईयों ने अपने जीवन का अनुभव सुनाया कि राजयोग के द्वारा हमारे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा हैं और हम अभारी ह जेल अधीक्षक राजेन्द्र गायकवाड़ जी एवं ब्रह्माकुमारी बहनों के जो जेल में भी हमें इतनी अच्छी सकारात्मक विचार देकर हमारे जीवन को परिवर्तन कर रहे हैैं। कार्यक्रम के पश्चात् सभी कैदी भाई एवं बहनों को प्रसाद वितरण किया गया।

अम्बिकापुर के केन्द्रीय जेल में प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईशवरीय विश्व विद्यालय द्वार महाशिवरात्रिका पावन पर्व पर शिव परमात्मा का 84 वाँ जन्मोत्सव केक कटिंग कर बहुत धूमधाम से मनाया गया। जिसमें जेल अधीक्षक राजेन्द्र गायकवाड़ जी, सरगुजा संभाग की संचालिका बी. के. विद्या दीदी जी एवं लगभग 700 कैदी भाई- बहनें उपस्थित थे। जेल अधीक्षक राजेन्द्र गायकवाड़ जी ने कहा कि इन्सानियत का मतलब हैं एक ऐसा इन्सान बने जिसमें सात्विकता, पवित्रता, सच्चाई, समझदारी एवं सबके दुःख, पीड़ा को समझते हुये उनका मद्द करें एवं उन्हें आगे बढ़ाये। कैदियों को प्रेरित करते हुये कहा कि आलस्य, अलबेलेपन एवं बहानेबाजी रूपी शत्रु को छोड़कर अपने जीवन को सदैव उमंग- उत्साह में रख उत्साहित रखे। सरगुजा की संचालिका बी. के. विद्या दीदी ने महाशिवरात्रि के पावन पर्व का महत्व बताते हुये कहा कि उपवास अर्थात् अपने अन्दर की बुराईयों एवं कमजोरियों को छोड सदा अपने भीतर की षक्तियों को पहचान सही एवं गलत का निर्णय करें। एवं बुराईयों रूपी, अक, धतूरा फूल अर्पण कर मन- वचन- कर्म से पवित्र बने एवं सभी लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करे। क्योंकि स्वपरिवर्तन से ही विश्व परिवर्तन होगा । जेल अधीक्षक राजेन्द्र गायकवाड़ जी, सरगुजा संभाग की संचालिका बी. के. विद्या दीदी जी ब्रह्माकुमारी बहने एवं कैदी भाइयों द्वारा जेल में शिवध्वाजारोहण किया गया। शिवध्वजारोहण के नीचे सभी कैदियों ने प्रतिज्ञा करते हुये दृढ़ संकल्प किया कि हम सदा खुष रहकर सभी को खुशी देंगे, एवं आलस्य अलबेलेपन, बहानेबाजी रूपी अवगुणों त्याग कर षिवबाबा को याद कर जीवन को श्रेष्ठ बनायेंगे। किसी का अवगुण नहीं देखेंगे। ब्रह्माकुमारी द्वारा सीखाये गये राजयोग क्लास को करीब 1 महीने से प्रतिदिन सुनने वाले कैदी भाईयों ने अपने जीवन का अनुभव सुनाया कि राजयोग के द्वारा हमारे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा हैं और हम अभारी ह जेल अधीक्षक राजेन्द्र गायकवाड़ जी एवं ब्रह्माकुमारी बहनों के जो जेल में भी हमें इतनी अच्छी सकारात्मक विचार देकर हमारे जीवन को परिवर्तन कर रहे हैैं। कार्यक्रम के पश्चात् सभी कैदी भाई एवं बहनों को प्रसाद वितरण किया गया।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्ववरीय विश्वव विद्यालय द्वारा ब्रह्माकुमारी संस्था नव सृष्टि निर्माण

आयोजकः-प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्ववरीय विश्वव विद्यालय द्वारा ब्रह्माकुमारी संस्था नव सृष्टि निर्माण में अभूतपूर्व कार्य कर रही हैं:- डाॅ प्रेमसाय सिंह दिनांक 21.02.2020 को महाषिवरात्री के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वव विद्यालय द्वारा स्थानीय सेंटर आध्यात्मिक ज्ञान एवं राजयोग प्रषिक्षण केन्द्र, नव विश्व भवन चोपड़ापारा अम्बिकापुर में महाशिवरात्रि पर्व शिव जयंती बहुत धूमधाम से मनायी गयी। तत्पश्चात् शिव अवतरण आध्यात्मिक झाँकी का का भव्य उद्घाटन समारोह सम्पन्न हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री छत्तीसगढ़ शासन माननीय डाॅ. प्रेमसाय सिंह, उनकी धर्मपत्नी डाॅ रमा सिंह, कृषि महाविद्यालय के डीन वी. के. सिंह, जेल अधीक्षक राजेन्द्र गायकवाड़ , सरगुजा संभाग की संचालिका ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता एस. के. रवि, एस. डी. ओ. सुरेन्द्र दुबे, पार्वती बी.एड. काॅलेज की प्राचार्य श्रीमती संध्या चन्द्राकर, डाॅ किरण अग्रवाल एवं लगभग 500 ब्रह्माकुमारीज विद्यार्थी तथा संस्था से जुडे अन्य लोग उपस्थिति थे। माननीय शिक्षा मंत्री डाॅ सिंह ने शिव अवतरण आध्यात्मिक झांकी का अवलोकन करते हुये कहा कि भगवान शिव इस धरा पर अपने वायदे अनुसार नये सृष्टि निर्माण हेतु अवतरित होकर कार्य कर रहे हैं जिसमें ब्रह्माकुमारी संस्था अभूतपूर्व कार्य कर रहीं हैं। द्वादश ज्योतिर्लिंग एवं अन्य झाँकियों के माध्यम से भगवान शिव के सन्देश को जन- जन तक पहुँचा रही हैं। डाॅ रमा सिंह ने कहा कि यह संस्था लोगों के अन्दर व्याप्त बुराईयों को दूर कर अच्छाईयों को भर रही हैं। सभी लोग इस संस्था से जुडकर इसका लाभ ले और अपने जीवन को खुशहाल बनाये। कृषि महाविद्यालय के डीन वी. के. सिंह ने कहा कि निश्चित रूप से यहाँ जुडने से स्वपरिवर्तन एवं विचार परिवर्तन होता ही हैं, ऐसा समाज सब जगह हो तभी समाज में परिवर्तन होगा। जेल अधीक्षक राजेन्द्र गायकवाड़ ने कहा कि यह संस्था विश्व बन्धुत्व का कार्य कर रही है, कोई भी नया कार्य बाबा के घर से शुरू होता है। यह संस्था सृष्टि परिवर्तन का केन्द्र हैं यहाँ आने मात्र से ही हमें अहसास हो जाता हैं कि हम सब एक पिता के संतान हैं। हमारे जेल में लगभग 400 कैदी श्रद्धेय आदरणीया बी. के. विद्या दीदी के सहयोग से प्रतिदिन ईश्वरीय ज्ञान का श्रवण कर अपने संस्कार परिवर्तन कर रहे हैं। सरगुजा संभाग की संचालिका ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी ने बताया कि यह महाशिवरात्रि का पर्व एक प्रकार से जागरण दिवस भी हैं। जागरण अर्थात् अपने को अज्ञान अन्धेरे से जगाकर आत्म स्वरूप में स्थित करना और आत्म चिन्तन द्वारा अपनें कमजोरियों का अक-धतूरा परमात्मा शिव पर अर्पण कर स्व परिवर्तन लाना इस पर्व का मुख्य उद्देश्य हैं। एवं सभी अतिथियों ने महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर परमात्मा के शिव के प्रति अपनी अपनी भावनाओं को प्रकट किए। सरगुजा संभाग की संचालिका बीके विद्या दीदी माननीय शिक्षा मंत्री डॉ सिंह एवम डॉ रमा सिंह को ईश्वरीय सौगात भेट की। यह पांच दिवसीय झाँकी दिनांक 21 फरवरी से 25 फरवरी 2020 तक प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से रात्री 9 बजे तक नागरिकों/श्रद्धालुओं के अवलोकनार्थ रहेगी। झाँकी में मुख्य आकर्षण 40 फीट ऊँची शिवलिंग, अमरनाथ की गुफा, द्वादष ज्योतिर्लिंगों का माॅडल दर्शन, कुम्भकरण का विशाल चलित माॅडल एवं स्वर्ग दर्शन झांकी है। झाँकी में भिन्न- भिन्न प्रकार के माॅडल आकर्षण का केन्द्र हैं। माननीय शिक्षा मंत्री एवं बी. के. विद्या दीदी ने सभी नागरिकों को झाँकी के अवलोकन हेतु आमंत्रित किया हैं।

ब्रम्हाकुमारी अंबिकापुर :ओम प्रकाश भाई जी की चतुर्थ पुण्य स्मृति दिवस पर शत-शत श्रद्धांजलि अर्पित

ब्रम्हाकुमारी अंबिकापुर सेंटर में अध्यात्म जगत के महान एवं दैदीप्यमान विभूति नित्य नवीन सेवाओं के प्रेरणा स्त्रोत प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय इंदौर जोन के क्षेत्रीय निर्देशक एवं मीडिया प्रभाग राष्ट्रीय अध्यक्ष तपस्वी परम श्रद्धेय ब्रह्माकुमार ओम प्रकाश भाई जी की चतुर्थ पुण्य स्मृति दिवस पर शत-शत श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सरगुजा संभाग की मुख्य संचालिका बीके विद्या दीदी एवं ब्राह्मण परिवार। विद्या दीदी ने बताया कि बाबा के अव्यक्त होने के बाद जो पहला जोन बना वह इंदौर जोन ही था जो भाई जी ने ही बाबा के निर्देशन में बनाया तथा भाई जी के विशेषताओं को याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया ????????

बलरामपुर में नवनिर्मित सेवा केंद्र का उद्घाटन

बलरामपुर,6-12-19:- विश्व में बढ़ती हिंसा, तनाव ,अशांति के बीच राजयोग मेडिटेशन द्वारा शांति की शीतलता प्रदान करने वाली अपने 83 वर्ष पूर्ण कर चुकी अंतरराष्ट्रीय संस्था प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा बलरामपुर में नवनिर्मित सेवा केंद्र का उद्घाटन लौह नगरी भिलाई से पधारी राजयोगिनी ब्रम्हाकुमारी आशा दीदी एवं सरगुजा संभाग की संचालिका, वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रम्हाकुमारी विद्या दीदी जनपद पंचायत सीतापुर के उपाध्यक्ष शैलेश सिंह जी एवं राम भाई राम के कर कमलों द्वारा रिबन काटकर संपन्न हुआ। तत्पश्चात मुख्य अतिथियों द्वारा परमात्म स्मृति में दीप प्रज्ज्वलन कर सेवाकेंद्र का उद्घाटन किया गया। राजयोगिनी आशा दीदी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि इस नए सेवाकेंद्र द्वारा बलरामपुर एवं इसके आसपास क्षेत्रों के वासियों को राजयोग मेडिटेशन एवं आध्यात्मिक ज्ञान द्वारा सुख शांति की किरणों द्वारा उनके जीवन में प्रकाश फैलायेगा। इसके पश्चात आमंत्रित मुख्य अतिथियों एवं ब्रह्मावत्सो द्वारा नए सेवा केंद्र में परमात्मा शिव का ध्वजारोहण कर संगठित रूप से राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास किया। इस उद्घाटन के अवसर पर बड़ी संख्या में ब्रह्मावत्सो एवं शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे एवं परम श्रद्धेय आशा दीदी द्वारा ईश्वरीय सौगात देकर हनुमान मंदिर के ट्रस्टीयों का सम्मान किया गया एवं सभी ने ब्रह्मा भोजन स्वीकार किया।

         

अंबिकापुर के सरगुजा संभाग में स्वर्णिम समाज के विकास में मीडिया की भूमिका

अंबिकापुर के सरगुजा संभाग में स्वर्णिम समाज के विकास में मीडिया की भूमिका विषय पर सेमिनार इंदौर से आए वरिष्ठ पत्रकार श्रद्धेय कमल दीक्षित जी अंबिकापुर में आयोजित स्वर्णिम समाज विकास में मीडिया की भूमिका।

सर्वधर्म सम्मेलन में श्रेष्ठ समाज की संरचना में संतों की सकारात्मक भूमिका

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय अंबिकापुर में इलाहाबाद से पधारी राजयोगनी तपस्विनी ब्रम्हाकुमारी मनोरमा दीदी ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय नव विश्व भवन चोपड़ा पारा में सर्वधर्म सम्मेलन में श्रेष्ठ समाज की संरचना में संतों की सकारात्मक भूमिका विषय पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किया उन्होंने सभा में संबोधित करते हुए कहा कि सभी धर्म ग्रंथ या महज अपने हमें उस परम शक्ति ईश्वरीय पर सच्चा भरोसा एवं कर्तव्य पालना करना ही सिखाया है परंतु आज हमारा नजरिया बदल गया।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा चोपड़ा पारा में चैतन्य देवियों की झांकी का आयोजन

शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा चोपड़ा पारा में चैतन्य देवियों की झांकी का आयोजन किया गया है मां के चैतन्य दरबार में माननीय भ्राता टी.एस.सिंह देव जी कैबिनेट मंत्री स्वास्थ्य एवं कल्याण मंत्री छत्तीसगढ़ शासन सरगुजा संभाग की मुख्य संचालिका बीके विद्या दीदी ने दीप एवं आरती के साथ झांकी का उद्घाटन किया चैतन्य देवियों की झांकी में निरंतर भारी संख्या में बढ़ती भीड़ इस बात को प्रदर्शित करता है कि ऐसी और शक्ति का अनोखा संगम देवी झांकी हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।